HINDI STORY

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Sunday, 22 March 2020

Bhoot ki kahani | Hindi Story


Bhoot ki kahani

Bhoot ki kahani
Bhoot ki kahani

भूत की कहानी

एक गांव में एक घर था जो हमेशा बंद ही रहता था गांव वाले उसके आसपास जाने से भी डरते थे क्योंकि उस घर के आस-पास हर वक्त सन्नाटा और अजीब अजीब प्रतिक्रियाएं होती रहती थी सभी गांव वाले उस घर को भूतिया घर भी कहते थे इसलिए दोस्तों हमने इस कहानी का नाम भूत की कहानी रखा है

अक्सर लोगों को जब भी उस घर के आसपास जाना होता था तो कोई भी गांव का व्यक्ति अकेले उस तरफ नहीं जाता था बल के दो या दो से ज्यादा व्यक्ति मिलकर उस रास्ता को पार किया करते थे जब कभी कोई व्यक्ति उस रास्ते से अकेले गुजरा या तो वह कभी वापस नहीं लौटा या वह मृत पाया गया। गांव के कई लोग इसी तरह या तो गायब हो गए या फिर मृत पाए गए।

आईएसपी तरह की घटनाएं हमेशा वहां घटती रहती थी गांव के लोगों ने उस भूतिया घर को वहां से तुड़वाने के बहुत से प्रयास किए लेकिन कोई भी मजदूर वहां काम करने को तैयार ही नहीं था जिसका वह घर था लोगों का कहना था उसने अपने आप को इस घर में फांसी लगा ली थी और तब से उसकी आत्मा उस घर में कैद है लोगों को उस घर से हर रात किसी आदमी के चिल्लाने की आवाज आती थी इस वजह से गांव वालों के अंदर उस घर की दहशत और भी बढ़ जाती थी

धीरे धीरे उस गांव के लोग उस घर से परेशान होकर या तो अपनी जमीन बेचकर या उसे ऐसे ही छोड़कर गांव से जाने लगे और धीरे-धीरे गांव खाली होने लगा ।

एक दिन रामू नाम का व्यक्ति उस गांव में किसी काम से आया वह एक अध्यापक था और एक निडर और बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति था वह किसी भूत प्रेत पर यकीन नहीं करता था जब वह गांव में आया तो उसने देखा कि गांव के कई लोग गांव छोड़कर जा रहे हैं उसने गांव वालों से उनके गांव छोड़ने की वजह पूछी लेकिन किसी ने भी उसकी बात का जवाब ना देकर यह कहा के इस गांव से चले जाओ वरना मारे जाओगे।


रामू यह सुनकर सोचने लगा ऐसी कौन सी बात है जो यह गांव वाले इस तरह डर कर इस गांव से अपने घर को छोड़कर जा रहे हैं वह गांव में अंदर जाता है और उस गांव के मुखिया से मिलता है और पूछता है के प्रधान जी आपके गांव में ऐसी कौन सी आपदा आई हुई है जिससे कि गांव के लोग अपना घर छोड़कर जा रहे हैं मुखिया ने रामू को उस घर के(भूत की कहानी के) बारे में सारी बातें बताई।

रामू भूत प्रेत पर विश्वास नहीं करता था उसने मुखिया जी से पूछा क्या किसी ने उस घर के अंदर जाने की कोशिश नहीं की तो मुखिया ने कहा के कई गांवों के लोग उस घर के अंदर जा चुके हैं रामू ने पूछा तो उन लोगों का क्या हुआ मुखिया ने कहा वहां जो भी गया या तो वह गायब हो गया या मृत पाया गया।

रामू को उस घर पर शक होने लगा रामू ने मुखिया से कहा की मुखिया जी क्या मैं उस घर में जा सकता हूं मुखिया जी ने कहा नहीं बेटा वहां वैसे ही बहुत लोग अपनी जान गवा चुके हैं तुम अपनी जान क्यों जोखिम में डालना चाहते हो अगर अपनी भलाई चाहते हो तो इस गांव से वापस चले जाओ। रामू उसकी बात सुनकर वहां से चला आया।

रामू ने उस घर में जाने का फैसला किया अगले दिन शाम के वक्त वह उस घर के पास गया उसे किसी आदमी के जोर जोर से चिल्लाने की आवाज आ रही थी लेकिन वह निडर होकर उस घर के अंदर गया वहां उसे इंसानी कंकाल दिखे यह देख कर उसके मन में थोड़ा भय होने लगा उसने सोचा कि ऐसे यहां अकेले आना समझदारी का काम नहीं है वह वहीं से उस घर के बाहर आ गया और वापस लौट गया।

रामू जो बात भी पूरी करने की ठान लेता था वह उसे करके ही दम लेता था उसने उस घर का राज जानने के लिए एक योजना बनाई और अगले दिन सुबह उस घर के आसपास कैमरे लगा दीजिए।

और जब शाम हुई तो वह उस कैमरे की रिकॉर्डिंग देखने लगा अगले दो-तीन घंटे में वहां कुछ ऐसा घटित नहीं हुआ जिससे उसे कोई मदद मिलती वह निराश होकर वहां से जाने लगा तभी अचानक उसे एक ट्रक आता हुआ दिखा उसमें से एक आदमी बंदूक लेकर नीचे उतरा और उसने देखा के आसपास कोई नहीं है फिर उसने अपने साथी को इशारा किया उन लोगों ने उस ट्रक में से कुछ सामान उतारना शुरू कर दिया और उस सामान को लेकर उस घर के अंदर चले गए और वह ट्रक वापस लौट गया रामू को उस घर पर पहले ही शक था और उसका यह सब अब यकीन में बदल गया था।

उसने गांव वालों के पास जाकर यह सारी वीडियो दिखाई लेकिन किसी ने भी उसका  यकीन न माना और और कहने लगे कि यह सब उस भूत का छलावा है और  उस घर की तरफ जाने से इंकार कर दिया। रामू समझ गया के जब तक वह उस घर का पर्दा फाश नहीं कर देता तब तक कोई उसकी बात का यकीन नहीं मानेगा


उसने अब पूरी तैयारी से उस घर में जाने की तैयारी की वह अपने साथ एक बंदूक भी लेकर गया ताकि अपनी सुरक्षा कर सके। वह शाम होने से पहले ही उस घर के अंदर जाकर छुप गया और उन लोगों के आने का इंतजार करने लगा और जब शाम हुई तो वहां कोई भी नहीं आया और अगले दिन रामू का मृत शरीर उस घर के बाहर दीवार पर लटका हुआ पाया गया अब आप सोच रहे होंगे के रामू की मृत्यु कैसे हुई दोस्तों गांव वालों का बताना था कि वह घर हर गांव मैं आने वाले नए व्यक्ति को इस तरह के छलावे दिखाता है जैसा कि रामू ने अपने कैमरे की मदद से वहां पर देखा था हकीकत में वह सब भूत थे जो यह जानते थे के रामू हम पर नजर रखने के लिए आया है

अगर वह भूत अपनी असली हालत में उसके सामने आते तो रामू कभी भी उस घर के अंदर जाने का प्रयास नहीं करता इसलिए उन भूतों ने रामू को इस छलावे के जरिए मौत के घाट उतार दिया और आज भी वह घर इसी तरह कई लोगों की जान लेता रहता है अगर आप भी इस घर के आसपास जाएं तो ऐसी गलती बहादुरी समझ कर ना करें जैसे कि रामू ने कि।

यह सच है कि ज्यादातर ऐसी जगहों पर कोई हमें धोखे में
रख रहा होता है लेकिन कहीं-कहीं सच में भूत होते हैं और हमें इस बात को मानना चाहिए।

अगर आपको यह भूत की कहानी अच्छी लगी हो तो हमें कमेंट कर कर जरूर बताएं और हमारी वेबसाइट को फॉलो करें।

Thursday, 19 March 2020

ताज महल | Taj Mahal | Hindi Story 2020

ताज महल

ताज महल | Taj Mahal | Hindi Story 2020
ताज महल

ताजमहल मुगल निर्मित एक बहुत ही खूबसूरत इमारत है इसे बादशाह शाहजहां ने अपनी बीवी की याद में बनवाया था ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में से एक अजूबा है ताजमहल को देखने के लिए देश-दुनिया से हर साल लाखों सैलानी भारत आते हैं हर इंसान जिंदगी में एक बार ताजमहल को देखने की ख्वाहिश अपने दिल में  रखता है ताज महल  को मोहब्बत की निशानी भी कहा जाता है। और लोग शादी के बाद इसे खास तौर से इसे देखने आते हैं

ताज महल क्यों बनाया गया ?
 ताजमहल असल में एक मकबरा है जिसमें मुमताज महल और शाहजहां की क़ब्र है शाहजहां अपनी बेगम मुमताज से बहुत प्रेम करता था लेकिन अचानक उसके मृत्यु हो गई शाहजहां ने उसकी यादों को हमेशा जिंदा रखने के लिए ताजमहल को बनवाया ताकि दुनिया शाहजहां और मुमताज महल को हमेशा याद रखे।




ताजमहल किसने बनाया ?
ताजमहल को 20000 मजदूरों ने मिलकर बनाया था इसको बनाने के लिए शाहजहां ने देश विदेश से कारीगरों को बुलाया था उस वक्त में मशीनें आदि नहीं थी उन मजदूरों ने अपने हाथों की कलाकारी से इस अजूबे को तामीर किया और कुछ लोगों का मानना है के शाहजहां ने उन मजदूरों के हाथ काट दिए थे ताकि ऐसा दूसरा ताजमहल कोई ना बनवा पाय लेकिन यह बात यकीन से नहीं कही जा सकती और ना ही किसी सूत्र से ऐसा स्पष्ट होता है


ताजमहल का निर्माण कितने सालों में हुआ ?
ताजमहल  को बनाने में 20000 मजदूरों को पूरे 22 साल लगे ताजमहल का कार्य 1631 ईस्वी में शुरू हुआ और 1653 ईसवी में कार्य पूरा हुआ


ताज किन किन सामग्री से बनाया गया
ताजमहल को संगेमरमर और सफेद चूने से बनाया गया संगेमरमर एक तरह का कीमती पत्थर होता है जो चांद की रोशनी में चमकता है तभी तो ताजमहल चांदनी रात में और भी ज्यादा खूबसूरत चमकदार हो जाता है अगर आप भी कभी ताजमहल को देखने जाएं तो चांदनी रात में ताजमहल को जरूर देखें।


ताजमहल के अंदर क्या है
ताजमहल के अंदर खूबसूरत दीवारें और खूबसूरत  चित्रकारी की हुई है जिसे देख कर दिल ही दिल में बहुत अच्छा लगता है और ताजमहल के अंदर एक कमरा है जिसमें शाहजहां और मुमताज महल की क़ब्र बनी हुई है जहां जाकर लोग अपने जीवन साथी के लिए दुआ मांगते हैं


ताजमहल की बाहरी बनावट कैसी है
ताजमहल की 4 बड़ी-बड़ी मीनारें है और एक बड़ा सा गुंबद है और ताजमहल के तीन दरवाजे हैं और हर दरवाजा देखने में एक जैसा ही लगता है और ताज महल के सामने खूबसूरत बगीचा बनाया गया है जो देखने में बहुत ही खूबसूरत लगता है


ताजमहल कहां स्थित है
ताजमहल भारत देश के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा जिले में यमुना किनारे स्थित है इसके चारों तरफ पेड़ पौधे लगाए गए हैं ताकि वातावरण के बढ़ते प्रदूषण से बचाया जा सके भारत सरकार इसकी रक्षा के लिए बहुत से प्रबंध करती है ताकि यह इमारत हजारों साल इसी तरह चमकती रहे।

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Wednesday, 18 March 2020

Lalach buri Bala hai | Hindi story

लालच बुरी बला है


Lalach buri Bala hai | Hindi story


एक गांव में 4 दोस्त रहते थे चारों बहुत गरीब थे एक का नाम राम दूसरे का मोहन तीसरे का मनीष आज चौथे का गोपाल था राम मोहन और मनीष यह तीनों बहुत मेहनती थे और गोपाल बहुत लालची और कामचोर था यह तीनों हमेशा काम में व्यस्त रहते और खेतीबाड़ी करके अपने घर बाहर चलाते लेकिन मनीष हमेशा कोई ऐसा काम ढूंढता जिसमें उसको मेहनत भी ना करना पड़े और वह पैसे भी ज्यादा कमाए लेकिन उसको कोई ऐसा काम नहीं मिलता क्योंकि ना तो वह पढ़ा लिखा था और ना ही उसे कुछ आता था 

वह बस दिन भर एक पेड़ के नीचे बैठकर सोचता रहता कि मैं ऐसा कौन सा काम करूं जिससे मुझे बिना मेहनत के बहुत सारा धन मिल जाए एक बार वह एक बाबा के पास गया उसने बाबा से कहा कि बाबा मुझे कोई ऐसा रास्ता बताएं जिससे मैं अमीर हो जाऊं बाबा ने कहा रास्ता तो है लेकिन उसमें खतरा बहुत है गोपाल ने कहां के बाबा आप मुझे वह रास्ता बता दीजिए भले ही उसमें कितने भी खतरे हो मैं उसको पार करके उस रास्ते तक पहुंच जाऊंगा


बाबा ने उसको एक छोटी सी गेंद भी और गोपाल से कहा के इस गेंद को तुम्हें अपने हाथ में रखकर रात के 12: 00 बजे के वक्त जंगल की पहाड़ी पर जाना होगा जब तुम वहां जाओगे और जिस जगह तुम्हारे हाथ में यह गेंद चमकेगी तो तुम उस जगह पर खुदाई करना तुम्हें वहां कुछ ना कुछ जरूर प्राप्त होगा गोपाल यह सुनकर वहां से वापस आ गया और उसी पेड़ के नीचे आकर बैठ गया जहां वह हर वक्त बैठा रहता है

उसके तीनों दोस्त अपने अपने काम को निपटा कर अपने घर जा रहे थे गोपाल ने उन तीनों को आवाज दी और अपने पास बुलाया इन तीनों ने कहा के क्या हुआ गोपाल हमें तुमने इस तरह क्यों बुलाया गोपाल ने कहा कि मैं तुमसे हमेशा कहता था ना कि मैं कोई ऐसा काम जरूर ढूंढ लूंगा जिसमें बहुत सारा धन प्राप्त हो उसके दोस्तों ने उससे पूछा क्या तुम्हें ऐसा काम प्राप्त हो गया है जैसे तुम बहुत सारा धन कमा सको गोपाल ने कहा हां।

उन तीनों ने पूछा ऐसा कौन सा काम है गोपाल ने उन तीनों को पूरी बात बताई और अपने साथ जंगल में चलने को कहा तीनों ने जंगल में जाने से इंकार कर दिया और कहा के वहां बहुत सारे जंगली जानवर रहते हैं वहां कोई दिन में नहीं जाता और तुम हमें रात में जाने के लिए कह रहे हो हम में से कोई भी तुम्हारे साथ नहीं जाएगा हम अपनी खेती-बाड़ी से ही खुश है और हो सके तो तुम भी मत जाना ऐसा कहकर वह तीनों दोस्त वहां से जाने लगे तभी उसने उन तीनों को रोका और कहा किस सोचो अगर हमें वहां कोई सोने चांदी की चीज मिल गई तो हमें जिंदगी में कभी कुछ काम करने की आवश्यकता नहीं होगी

वह तीनों सोचने लगे और कहां के बात तो तुमने सही कही है हम भी काम कर कर के थक गए हैं अब तो यही लगता है कि जिंदगी भर आराम करें हम भी तुम्हारे साथ जंगल में चलेंगे गोपाल ने कहा ठीक है आज 12: 00 बजे के वक्त सब लोग मेरे घर पर आ जाना हम वहीं से उस पहाड़ी पर चलेंगे।


तीनो लोग 12: 00 बजे के वक्त गोपाल के घर पहुंच गए और जंगल की तरफ बड़े गोपाल अपने हाथ में उस गेंद को दिए हुए आगे बढ़ रहा था कुछ कदम ही आगे बढ़े थे कि गेंद चमकने लगी गोपाल ने कहा कि हमें यही खुदाई करनी चाहिए और चारों लोग वहां खुदाई करने लगे खुदाई करते करते उसमें से एक पीतल के सिक्कों की एक थैली निकली राम ने कहा मैं तो इतने से ही खुश हूं मैं इसे लेकर वापस जा रहा हूं गोपाल ने कहा क्या रे राम अभी तो हम कुछ कदम ही चले हैं तो हमें इतने सारे सिक्के मिले हैं तो क्या पता हमें आगे चांदी के भी सिक्के मिल जाएं राम ने कहा नहीं भाई मैं तो इतने से ही खुश हूं और यह कह कर वापस लौट गया और यह तीनों आगे बढ़ गए ।

कुछ देर चलने के बाद वह गेंद फिर से चमकी और तीनों वहां खुदाई करने लगे खुदाई करते करते उन्हें एक चांदी के सिक्कों की थैली मिली मनीष ने कहा के भाई मैं तो इसे लेकर वापस जा रहा हूं अब तुम लोग अकेले ही आगे जाओ गोपाल ने कहा अरे भाई अभी तो हम आज आधे रास्ते पर ही आए हैं क्या पता हमें आगे सोने के सिक्के भी मिल जाए मनीष ने कहा नहीं भाई मैं तो इतने से ही खुश हूं और यह कहकर मैं वापस लौट गया।

गोपाल और मोहन आगे बढ़ते रहे कुछ देर चलकर गेंद फिर से चमकी और दोनों लोग वही खुदाई करने लगे खुदाई करते करते उन्हें एक सोने के सिक्कों की थैली मिली मोहन ने कहा चलो भाई इसे लेकर वापस चलते हैं गोपाल बोला अरे मोहन अभी तो जंगल का थोड़ा रास्ता बाकी है तो हमें आगे चलना चाहिए क्या पता हमें आगे हीरे भी मिल जाए मोहन बोला नहीं अब मुझे से आगे नहीं जाना अब तुम्हें आगे जाना है तो जाओ मैं तो इतने से ही खुश हूं यह कहकर मोहन सोने की थैली लेकर वापस चला गया और गोपाल आगे बढ़ गया ।

आगे बढ़ते बढ़ते उसकी गेंद फिर से चमकी उसने वहां खुदाई शुरू कर दी खुदाई कर ही रहा था कि उसमें से एक रोशनी बाहर निकली और एक आदमी प्रकट हुआ गोपाल ने पूछा कि तुम कौन हो उस आदमी ने कहा मैं यमराज हूं मैं तेरे प्राण हरण करने आया हूं क्योंकि तू बहुत लालची और कामचोर है तेरे जैसे व्यक्ति का इस दुनिया में रहने का कोई अधिकार नहीं है गोपाल रोकर बोला के प्रभु मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई अगर आप मुझे माफ कर दे और मेरी जान बख्श दे तो मैं कभी दोबारा लालच और कमजोरी नहीं करूंगा यमराज ने कहा ठीक है मैं तुझे एक मौका जरूर दूंगा लेकिन जिस दिन तो लालच करेगा उस दिन तेरे प्राण हरण कर लूंगा यमराज यह कहकर वहां से चला गया और गोपाल वापस खाली हाथ लौट गया

फिर जब वह सुबह अपने दोस्तों से मिला तो उसके दोस्तों ने उसका मजाक उड़ा कर कहा कि क्या तुम्हें सोने चांदी से भी ज्यादा कीमती चीज मिली और यह कहकर वह तीनों हंसने लगे गोपाल बहुत ही नरम अंदाज में बोला कि मुझे जो चीज मिली है वह सोने और चांदी से कई ज्यादा कीमती है वे तीनों यह सुनकर हैरान हो गए और पूछने लगे कि ऐसी तुम्हें कौन सी चीज मिल गई जो सोने चांदी से भी ज्यादा कीमती है 


गोपाल ने कहा कि मुझे आगे यमराज जी मिले जिन्होंने मुझे मेरी गलती का अहसास दिलाया जो मेरे लिए सोने चांदी से भी ज्यादा कीमती है तीनों यह बात सुनकर बहुत खुश हुए और उन तीनों ने अपने हिस्से का कुछ कुछ हिस्सा गोपाल को दे दिया और वह चारों फिर से ईमानदारी से काम करने लगे। और फिर कभी गोपाल ने लालच और आलसी पर नहीं किया।

Sunday, 15 March 2020

Islam religion history | Hindi story

    Islam religion history





इस्लाम के बारे में कुछ तथ्य

इस्लाम एक बहुत ही विशाल और महत्व रखने वाला धर्म है । दुनिया में इस्लाम धर्म मानने वालों की संख्या विश्व में दूसरे पायदान पर है हमारे भारत में इसकी संख्या लगभग 30-35 करोड़ है इस धर्म में लोग सिर्फ अल्लाह की इबादत (पूजा) करते है और हज़रत मोहम्मद ﷺ को अल्लाह ता आ ला का पैगम्बर (दूत) मानते है ।


मुसलमान कौन है?

इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों को मुसलमान कहा जाता है मुसलमान दिन में पांच बार मस्जिद में जाकर नमाज़ अदा करते है और अल्लाह تعالیٰसे दुआ मांग है

इस्लाम धर्म कब चर्चा में आया?

यह धर्म लगभग चौदह सौ साल पुराना है । और दुनिया में सबसे तेजी से फैलने वाला धर्म है  मुसलमान रमज़ान के महीने में राजा रखते है उनका मानना होता है के रमज़ान के रोज़े रखने से अल्लाह उनसे खुश होता है और वह अपने मानने वालो को जन्नत में जगह देता है

इस्लाम धर्म सारे छोटे बड़े अमीर गरीब सब मिलकर एक साथ नमाज़ पढ़ते है मुसलमान हर जुमे को इकट्ठा होकर नमाज़ अदा करते है

इस्लाम की सबसे बड़ी हस्ती 



इस धर्म के सबसे बड़े धर्म गुरु पैगम्बर मोहम्मद ﷺ हैं इस्लाम धर्म में सबसे बड़ा रुतबा इन्हीं का है सारे मुसलमान अल्लाह और मोहम्मद ﷺ के नाम का कलमा पढ़ते है जिसका अनुवाद है यह होता है " मै गवाही देता हू के अल्लाह के सिवा कोई माबूड (इबादत का हकदार )नहीं है और मोहम्मद ﷺ उसके रसूल है यह कलमा हर मुसलमान दिन कई मर्तबा पढ़ता है

  मोहम्मद ﷺ के बारे में कुछ  बाते

मोहम्मद ﷺका जन्म ५७० ईसवी में हुआ था आप के पिता का नाम अब्दुल्लाह था मोहम्मद ﷺ बचपन से ही नबी थे आपकी मा का नाम आमिना था ‌ आप अरब के मक्का शहर में पैदाा हुए आपके पिता की  बचपन में ही मृत्यु हो गई थी 

 इस्लाम का पूरी दुनिया में आना 

हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम अपनी मां आमिना के पास रहते थे आप की मां आपको आपके दादा के पास ले जा रही थी तभी रास्ते आपके वालिदा की भी मृत्यु हो गई और आप अपने दादा के पास रहने लगे और जब आप की उम्र 40 साल हुई तब आपने अपनी नबूवत का एलान किया तभी से इस्लाम धर्म की चर्चा शुरू हुई ।

इस्लाम पहले तो अरब के मक्के तक ही सीमित था फिर धीरे-धीरे मदीने में आया और फिर इसी तरह पूरी दुनिया में फैल गया आज इस्लाम को मानने वाले की तादाद दुनिया में दूसरे नंबर पर है और हर देश में इस्लाम के मानने वाले मौजूद हैं

मक्का और मदीना का महत्व 



मुसलमान जिंदगी में एक बार मक्का और मदीना के दर्शन के लिए जरूर जाता है इस्लाम में माना जाता है की मक्का और मदीना के दर्शन करने से सारे पाप मिट जाते हैं इसलिए हर मुसलमान वहां जिंदगी में एक बार जरूर जाता है इसको हज कहते हैं हर साल लाखों लोग हज करने के लिए अरब पहुंचते हैं

इस्लाम का सबसे लोकप्रिय धर्मस्थल अरब देश के मक्का और मदीना में ही है और मुसलमानों का सबसे लोकप्रिय और माननीय धर्म ग्रंथ कुरान शरीफ है जिसको हर मुसलमान पड़ता और याद करता है और उसी के हक में अपनी जिंदगी को गुजारता है

ईद इस्लाम का त्योहार 

मुसलमानों का सबसे बड़ा त्यौहार ईद है जोकि रमजान के खत्म होने की खुशी में लोग मनाते हैं ईद में सारे लोग मिलकर ईदगाह में नमाज अदा करने के लिए घर से नए-नए कपड़े पहन कर निकलते हैं और नमाज के बाद एक दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं

जकात

इस्लाम  के मानने वाले को हर साल अपने माल से 5% गरीबों को बांटना होता है जिसे जकात कहते हैं जकात उन गरीबों के लिए होती है जो लोग अपनी जरूरतों को पूरी नहीं कर पाते उन लोगों को जकात दी जाती है और यह तो हर धर्म में है के गरीबों की मदद की जाए हम सब को भी गरीबों की मदद करनी चाहिए

बकरा ईद का त्योहार

इस्लाम के मानने वालों में जो लोग अमीर और मालदार हैं उनको बकरा ईद में किसी जानवर (भैंस बकरी भेड़ आदि)की कुर्बानी करना वाजिब (जरूरी) है हर मुसलमान जो मालदार होता है वह बकरा ईद के दिन कुर्बानी करके उसका गोश्त गरीबों में बांटता है

दोस्तों कुछ लोग यह कहते हैं की जानवरों में भी जान होती है उनको भी दर्द होता है उनको नहीं मारना चाहिए वह भी हमारी तरह जीना चाहते हैं इस्लाम में यह रस्म बिल्कुल भी सही नहीं है इस्लाम को शाकाहारी की तरफ लोगों को ज्यादा ध्यान दिलाना चाहिए ना के मांसाहार की तरफ । तो मैं दोस्तों आपको यह बताना चाहता हूं के जो हम शाक सब्जी खाते हैं उनमें भी तो जान होती है और यह बात साइंटिफिक तौर पर भी सबके सामने है के पेड़ पौधे भी जीवित हैं और सांस लेते हैं जीते हैं और मरते भी हैं तो क्या हमें उन्हें भी नहीं खाना चाहिए।

दोस्तों आप खुद ही सोच सकते हैं कि अगर दुनिया का हर एक इंसान शाक सब्जी खाने लगे और मांसाहार को पूरी तरह से त्याग दें तो हमें किसी जमाने में घास भी खाना पड़ सकती है और अगर जानवरों को लोग नहीं खाएंगे तो उनकी संख्या हम इंसानों से भी ज्यादा हो जाएगी जैसा कि यूपी के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने जानवरों के काटने व बिक्री पर रोक लगा दी है तो यूपी में आवारा जानवरों की संख्या दो करोड़ से भी ज्यादा हो गई है तो यह कहना तो बिल्कुल गलत होगा कि इस्लाम में यह रिवाज एक गलत रस्म है।



क्या इस्लाम में चार शादी जायज है

 दोस्तों कुछ लोग यह कहकर इस्लाम को बदनाम करते हैं की इस्लाम में चार चार शादी  कर सकते हैं तो दोस्तों यह हुकुम इस वजह से है के पहले के जमाने में अरब देश में जब किसी का पति मर जाता था तो उसको जिंदा ही जमीन में दफना दिया जाता था या उसको जिंदा ही जला दिया जाता था

 तो जलने या दफन होने से अच्छा है कि वह किसी से शादी कर ले लेकिन पहले के दौर में विधवा को अपशगुन कहा जाता था और उसको ना कोई अपने घर में रखता और ना ही कोई उससे शादी करता इस वजह से इस्लाम ने इन ऐसी औरतों को सहारा देने के लिए यह हुक्म दिया के अगर कोई ऐसी महिला परेशान है तो तुम उसको सहारा दे सकते हो ।

लेकिन इसमें ऐसा भी कानून है कि अगर तुम्हारी पत्नी को कोई इस बात से परेशानी है या होगी या तुम्हें लगे कि मैं दो या इससे ज्यादा पत्नियों को संभाल नहीं पाऊंगा तो तुम्हारे लिए एक से ज्यादा शादी करना जायज नहीं होंगी लेकिन लोग इस बात को तो नहीं देखते सिर्फ सिक्के का पहला रुख देखकर बुरा भला सोचने लगते हैं दोस्तों हमें किसी बात को किसी के लिए कहने से पहले उसकी पूरी जानकारी ले लेना चाहिए




Saturday, 14 March 2020

अलीबाबा और चालीस चोर |हिंदी स्टोरी

 अलीबाबा और चालीस चोर


Image source -Google -|Image by-Hindi fairy tales



  • एक गांव में एक अलीबाबा नाम का एक व्यक्ति रहता था वह बहुत ही गरीब था उसके पास एक गधा था जिस पर वह जंगल से  लकड़ियां लाद कर लाता था वे लकड़ियां काट कर ही अपने  परिवार का गुजारा करता था वह हर रोज़ जंगल जाता और लकड़ियां काटकर बाजार में बेचता ।



  •  एक दिन वह जब जंगल में लकड़िया काट रहा था तभी उसका गधा रस्सी तोड़ कर वहां से भाग निकला अलीबाबा उसके पीछे उस पकड़ने के लिए भागा और उस पकड़कर वापस लाने लगा जब वह वापस आ रहा था तब उसने देखा के के कुछ घुड़ सवार एक झरने के किनारे खड़े थे उनमें से एक घुड़ सवार आगे बड़ा और उसने कहा " खुलजा सिम सिम" देखते ही देखते झरने का पानी बंद हो गया और एक दरवाज़ा खुला सारे घुड़सवार उस दरवाजे के अंदर चले गए ।



  • और फिर एक घुड़सवार ने कहा "बंद हो जा सिम सिम" और दरवाज़ा बंद हो गया और झरना बेहना शुरू हो गया वह यह सब देख कर हैरान हो गया । और वहां से चला गया । दूसरे दिन जब वह वहां आया तो फिर घुड़सवार वहां खड़े थे उनमें से एक आगे बड़ा और कहा" खुल जा सिम सिम " दरवाज़ा खुला और सारे अंदर चले गए और फिर एक ने कहा कहा बंद हो जा सिम सिम और दरवाज़ा बंद हो गया । वह कुछ देर  वहा रुक कर इंतज़ार करने लगा ।और फिर थोड़ी देर बाद दरवाज़ा खुला और सारे लोग बाहर निकले और फिर एक ने कहा "बन्द हो जा सिम सिम " और दरवाज़ा बंद हो गया और वह लोग चले गए ।

  • अलीबाबा उस गुफा के पास आया और उसने उस गुफा के दरवाजे को खोलना चाहा उसने कहा "खुल जा सिम सिम " दरवाज़ा खुल गया वह गुफा के अंदर गया वह जैसे ही गुफा के अंदर पहुंचा तो पूरी गुफा सोने और चांदी से ढकी हुई थी वह यह सब देख कर हल्का बक्का रह गया उसने अपने गधे पर कुछ सोने की अशर्फियां लाद दी और गुफा के बाहर आगया । और घर जा कर अपनी बीबी मरजीना को सारी बात बताई। मरजीना इतनी अशर्फियां देख कर दंग रह गई ।


  • मरजीना ने कहा के अलीबाबा हम इतनी सारी अशर्फियों को गिनेगे कैसे में ऐसा कर ती हू के आप के भाई  कासिम के यहां से तराजू ले आती हू मरजीना अलीबाबा के भाई के यहां तराजू लेने चली गई उसका भाई बहुत घमंडी और कंजूस था मरजीना उसके घर पहुंची और कहा के भाई जान क्या आप थोड़ी देर के लिए अपना तराजू से देंगे ? उसने कहा मरजीना मै  मुफ्त में तो किसी को बद्दुआ भी नहीं देता तो तुम्हे तराजू कैसे देदूं ? तुम्हे इसकी कीमत अदा कर नी होगी मरजीना ने कहा ठीक है भाई जान में आप को इसकी कीमत अदा कर दूंगी ।




  •  वह सोचने लगा के जिसके पास कल तक खाने के लिए पैसे नहीं थे उस आज ऐसी कोन सी ची तोलने की नौबत आए गई जिसके लिए यह पैसे देने के लिए त्यार हैं उसने तराजू के पीछे मोम लगाकर उसको दे दिया ताकि जो भी चीज इससे टोली जाए इसके नीचे चिपक जाए ऐसा ही हुआ जब मरजीना अशर्फी तोल रही थी टोबेक अशर्फी तराजू के नीचे चिपक गई जब वह तराजू वापस करने आई तो उसके भाई ने देखा के एक अशर्फी उसकी तली में चिपकी हुई थी उसका भाई यह देख कर हल्का बक्का रह गया के मेरा भाई ऐसा कौन सा काम करने लगा जिसे उसे अशर्फियों को तोलना पढ़ रहा है




  • उसने सोचा के इस के पीछे कोई तो राज है वह अलीबाबा के पास गया और कहने लगा के मेरे भाई मुझे माफ़ कर दो मेंने तुम्हे बहुत सताया है दुख दिए है अब हम साथ रहेंगे चलो अलीबाबा आज से तुम मेरे घर पर रहोगे अलीबाबा ने कहा मुझे माफ़ करना मेरे भाई में तुम्हारे साथ नहीं रह सकता में अपने छोटे से घर में ही खुश हूं उसका भाई कहने लगा कम से कम मुझे माफ तो करदो अलीबाबा ने कहा मै आप से छोटा हूं भाई जान आप मुझसे माफ़ी ना मांगिए वह इसका मतलब तुमने मुझे माफ़ कर दिया ।




  • उसने अलीबाबा को अपने घर दावत में बुलाया । जब यह बात उसने मरजीना को बताई तो उसे शक हुआ के कहीं अशर्फी की बात तो उन्हें पता तो नहीं चल गई अलीबाबा ने कहा नहीं मरजीना उन्हें यह बात कैसे पता चल सकती है वहां मेरे अलावा कोई भी नहीं था और तुमने भी किसी को बताया नहीं है तो भला किसी को यह बात कैसे पता चल सकती है? अलीबाबा यह कह कर अपने भाई के यहां दावत में चला गया । उसके भाई ने बातो हो बातो में उससे पूछा के तुम्हारे पास अचानक इतनी अशर्फियां कहां से आ गईं के तुम्हे उन्हें गिनने के बजाए तोलना पड़ा।




  •  अलीबाबा हैरान हो गया के इन्हे यह बात कैसे पता चल गई उसका भाई कहने लगा क्या तुम मुझे अपना भाई नही मानते हो जो तुमने मुझसे इतनी बड़ी बात छुपाई अलीबाबा में कहा नहीं भाई जान ऐसी कोई बात नहीं है मैंने इस लिए आपको यह बात नहीं बताई क्यूंकि यह बहुत खतरा है । उसने कहा अरे मै कोन सा वहा पर जाऊंगा में तो बस ऐसे ही मालूम करना चाह रहा था के कहीं मेरा भाई कोई गलत काम तो नहीं करने लगा । अलीबाबा ने उसको सारा वाक़िआ बता दिया । 





  •  अगले दिन ही उस गुफा के अंदर चला गया और अपने साथ तो गधे ले गया और वह जैसे ही गुफा के अंदर दाखिल हुआ वह इतना खज़ाना देख कर अपने होश खो बैठा वह जल्दी जल्दी सोने चांदी को अपने गधों पर कासिम लाधने लगा। और गधों को पूरा खाजाने से लाद दिया और वापस आने लगा वह खज़ाने की धुन में दरवाज़ा खोलने का मंत्रही भूल गया और दरवाजे के पास आकर कहने लगा " खुल जा  ए तिलिस्मी दरवाजे " दरवाज़ा नहीं खु ला उसने कई बार कोशिश की लेकिन दरवाज़ा नहीं खुला ।





  • वह बहुत घबरा गया और रोने लगा तभी उसको घोड़ों के पैरों की आवाज़ आई वह डाकू वापस आ गए थे वह कहीं जा कर छुप गया सारे डाकू अंदर आए और देखा के दो गधे सोने से लदे हुए हैं और सारा समान बिखरा हुआ गई । डाकुओं के सरदार ने कहा के लगता है यह कोई आया है साथियों उसे ढूंढो और खत्म कर दो सारे चोर उसको ढूंढने लगे आखिरकार वह पकड़ा गया उसको उन चोरों ने मार  कर उसके शरीर के चार हिस्से कर दिए और दरवाजे के बाहर टांग दिए ।

Wednesday, 11 March 2020

अलादीन का चिराग| Hindi Story

                    अलादीन का चिराग


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  • बगदाद मे एक लड़का रहता था उसका नाम अलादीन था वह बहुत गरीब था । उसकी मां घर घर जा कर काम काज किया करती थी । अलादीन बहुत ही चालाक और शरारती था उसकी मां उस हमेशा समझाती रहती लेकिन वह कभी नहीं मानता वह हमेशा अपने दोस्तो के साथ बगदाद के जंगलों में घूमने निकल जाता था 

  • एक दिन जब वह अपने दोस्तो के साथ जंगल में सैर करने निकला और अपने दोस्तो के साथ जंगल में बहुत दूर निकल गया आखिर में एक पहाड़ी आई अलादीन ने अपने दोस्तो से के चलो दोस्तो उस पहाड़ी पर चलते हैं उसके दोस्तो ने कहा नहीं अलादीन इस पहाड़ी पर बहुत सारी बुरी आत्माएं रहती है अगर हम गए तो वह हमें मार डालेगी अलादीन बोला यह सब कहानियां हैं यहां कोई भूत - बूत नहीं है अगर तुम लोगो को मेरे पास आना है तो आओ वरना में अकेले ही वहा चला जाता हूं । सारे दोस्त वापस लोट गए और अलादीन  ने अकेले ही उस पहाड़ी पर जाने का फैसला किया । 


  • वह जैसे ही इस पहाड़ी के आया उस एक व्यक्ति मिला और उसने अलादीन से कहा "बेटा बेटा तुम बड़े बहादुर और नेक दिल लगते हो " जो ऊपर जाने की हिम्मत कर रहे हो। अलादीन ने पूछा चाचा ऊपर पहाड़ी पर ऐसा क्या है जो सब यहां आने से डरते हैं। उस बूढ़े व्यक्ति ने कहा के बेटा इस पहाड़ी पर एक गुफा है उस गुफा में बहुत से हीरे जवाहरात और सोने चांदी की चीजें हैं और और उस गुफा में सबसे कीमती चीज़ एक  चिराग है ।
  •  अलादीन सोचने लगा भला एक चिराग हीरे और सोने से ज्यादा कीमती और अनमोल कैसे हो सकता है उसने पूछा के चाचा उस चिराग में ऐसा क्या जो उस सबसे कीमती बनाता है ? उस व्यक्ति ने उत्तर दिया के उस चिराग में एक जिन कैद है जिसे एक जादूगर ने अपने  जादू से जिन को उस चिराग में कैद कर दिया है और उसने उस जिन पर ऐसा जादू किया है के जो भी उस चिराग हो हासिल करलेगा तो वह जिन उसकी सारी ख्वाहिशें पूरी करेगा वह उस जिन से जो भी मांगेगा जिन उसको लेकर देगा ।


  •  अलादीन ने सोचा अगर में उस चिराग को हासिल कर लूं तो में सारे बगदाद के गरीब लोगो का भला कर सकता हू। फिर अलादीन ने पूछा के  अगर ऐसा है तो अब तक उस चिराग को कोई हासिल करने क्यों नहीं आया ?उस व्यक्ति ने कहा के बहुत लोग इस चिराग को ढूंढने के लिए आए लेकिन उनकी नियत सिर्फ पैसे की थी और वह लालची थे इस वजह जो भी वहा गया कभी वापस नहीं आया क्यों के उस जादूगर ने इस गुफा को एक श्राप दिया है के जो भी यह सोने चंडिंकी तलाश में आएगा वह हमेशा के लिए यहां कैद हो जाएगा । लेकिन अगर कोई दूसरो के लिए यहां आए तो यह  सारा सोना और चिराग उसका हो जाएगा ।
  •  अलादीन ने कहा चाचा मै वहा जाना चाहता हूं मुझे अपने गांव के लोगो की गरीबी को दूर करने के लिए उस चिराग को चाहिए क्या आप मुझे वहां जाने का रास्ता बताएंगे ? उस व्यक्ति ने अलादीन को एक नक्शा दिया जिसमे वहां जाने का रास्ता था । बूढ़े व्यक्ति ने अलादीन से कहा के ध्यान रखना वहां क़दम क़दम पर खतरा हैनापना ख्याल रखना ।



  •  अलादीन पूरे जोश में पहाड़ी पर चढ़ने लगा और चड़ते चड़ते एक गुफा के मुंह तक पहुंच गया वहा से आवाज़ आई " यहां से चले जाओ वरना मारे जाओगे " अलादीन ने कहा "मैं वापस जाने के लिए नहीं आया हू मुझे अंदर जाना है मेरे रास्ते से हट जाओ फिर एक और आवाज़ आई के तुम्हे अंदर जाने के लिए एक सवाल का जवाब देना होंगा सही जवाब देने पर मै तुम्हे अंदर जाने दूंगा । लेकिन अगर तुम मेरे सवाल का जवाब नहीं दे पाए तो तुम्हे हमेशा के लिए यही कैद कर लिए जाओगे । अलादीन ने कहा मुझे मंजूर है । फिर आवाज़ ठीक है मैं सवाल पूछता हूं 

  • सवाल: बताओ ऐसी  कोन सी चीज़ है जो मारने के बाद भी इंसान का पीछा नहीं छोड़ती ? 
  • बताओ अलादीन ?
  • जवाब: अलादीन ने जवाब दिया वह इंसान के  आमाल (कर्म)हैं जो उसके मरने के बाद भी उसका पीछा नहीं छोड़ते हैऔर वह जब कभी याद किया जाता है या तो अच्छे आमाल (कर्म) से याद किया जाता है या पूरे कर्म से । इसी लिए इंसान को हमेशा अच्छे कर्म करना चाहिए ।
  • आवाज़ आई" तुम सच में एक सच्चे इंसान हो तुम अंदर जा सकते हो


  •  जब अलादीन गुफा के अंदर पहुंचा तो उसने सोने और हीरे जवहरात के ढेर देखे और कुछ लोग वहा काम कर रहे थे अलादीन ने उनसे बात करने की कोशिश की लेकिन शायद उन्हें किसी जादू ने अपने वश में किया हुआ था । वह आगे बड़ा और एक आग का तालाब आया उसने सोचा इसे कैसे पार करू तभी एक आवाज़ आई के अगर तुम सच्चे हो तो क़दम आगे बढ़ाओ रास्ता अपने आप बन जाएगा लेकिन अगर लालची हो तो इस आग के दरिया में गिर जाओगे । 

  • अलादीन आगे बढ़ा और जैसे ही उसने आग के दरिया पर अपना क़दम रख तो एक जादूई रास्ता बन गया और सामने एक सुनहरा चिराग चमकने लगा अलादीन चिराग के पास पहुंचा और उसने चिराग को जैसेभी उठाया वैसे ही अचानक ज़मीन हिलने लगी छत टूटने लगी अलादीन वहां से भागकर बाहर की तरफ आने लगा लेकिन गुफा का दरवाज़ा बंद हो गया था अलादीन यह देखकर घबरा गया और और सोचने लगा के अब में बाहर कैसे निकलू । तभी उसे उस बूढ़े व्यक्ति की बात याद आ गई उसने कहा था के जो तुम उस चिराग के जिन से मांगोंगे वह उस मांग को पूरा करेगा ।
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  •  अलादीन ने उस चिराग से कहा के " ए चिराग के जिन मुझे यहां से बाहर निकाल " लेकिन कुछ भी नहीं हुआ उसने फि र दोहराया ए चिराग के जिन बाहर निकल और मेरा कहा पूरा कर । फिर भी कुछ नहीं हुआ  अलादीन सोचने लगा के शायद उस बूढ़े व्यक्ति ने मुझसे झूठ बोला था भला एक चिराग में एक जिन कैसे हो सकता है वह बहुत देर तक सोचने लगा और फिर उसकी नजर चिराग पर पड़ी चिराग अपने आप हिल रहा था वह यह देख कर हैरान रह गया उसने चिराग को अपने हाथ में उठाया और कहा "  चिराग के जिन बाहर आ और मुझे यहां से निकाल " लेकिन कुछ भी नहीं हुआ अलादीन ने उस चिराग पर कुछ लिखा देखा उसने अपने हाथ से चिराग के उस हिस्से को घिस कर साफ़ किया।
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  • जैसे ही उसने चिराग को घिसा वैसे ही एक बड़ा सा नीले रंग का जिन उस चिराग से बाहर निकला और कहने लगा "जो हुक्म मेरे आका " आका बताइए आपका गुलाम आपकी क्या खिदमत कर सकता है ? अलादीन धरने लगा और एक पथर के पीछे छिप गया जिन ने कहा " मै आपका गुलाम हू आप मुझसे डरिए मत में आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचाऊंगा तभी अलादीन वापस आया और बोला के तुम्हारा नाम क्या है जिन ने कहा आका मेरे नाम जीनू है आपका शुक्रिया आपने मुझे इस चिराग से आजादी दी अब मैं आपका हमेशा गुलाम रहूंगा अलादीन ने कहा के मुझे तुम आका नहीं नहीं बल्कि अलादीन कहो और में तुम्हारा आका नहीं बल्कि दोस्त हू और अब तुम मुझे इस गुफा से बाहर ले चलो जिन ने कहा जो हुक्म मेरे आका ।

Monday, 9 March 2020

बीरबल का हवा महल

                        
                 बीरबल का हवा महल             


बीरबल का हवा महल


अकबर और बीरबल के बारे में कोन नहीं जानता अकबर और बीरबल की कहानियां बहुत ही मशहूर है। यह कहानी भी अकबर और बीरबल की है बीरबल अकबर का बहुत ही करीबी और सबसे ज्यादा लोकप्रिय था अकबर उस पर बहुत ही भरोसा करता था। कोई भी मुश्किल होती बीरबल उस चुटकी में हल कर लेता सारे राज्य की आवाम उससे खुश रहती लेकिन अकबर कुछ मंत्री उससे जलते थे





  वह बीरबल को हमेशा किसी न  किसी पहेली उलझते रहते लेकिन बीरबल उनका सामना कर सबको हैरान कर देता ।
एक बार अकबर के कुछ मंत्रियों ने बीरबल को एक अनोखी पहेली में फसाने की योजना बनाई सारे मंत्री अकबर के पास गए और जब अकबर अपने मंत्रियों की बात सुन रहा था तो एक मंत्री आया और अकबर से कहने लगा महाराज काश हमारे राज्य में कोई ऐसी अदभुद इमारत होती जिसे देखने के लिए दूर दूर से लोग आया करते तो हमारे राज्य का कितना मान सम्मान होता अकबर ने कहा के तुम्हारी बात तो बहुत ही लाजवाब है लेकिन हम कोन सी इमारत बनवाएं जिससे कि हमारे राज्य का विस्तार हो।





अकबर ने अपने मंत्रियों से पूछा के आप लोग ही बताइए के ऐसी कोन सी इमारत बनबाई जाए ?किसी मंत्री ने कहा के महाराज हमें एक ऐसा दरवाज़ा बनवाना चाहिए जो दुनिया में सारे दरवाजे से बड़ा हों दूसरे मंत्री ने कहा के महाराज हमें एक लम्बी दीवार बनाई चाहिए जो चीन की दीवार से भी ज्यादा लंबी हो इसी तरह कई मंत्रियों ने अपने हित की बात रखी लेकिन राजा अकबर को कोई योजना पसंद न आयी ।






  तभी एक मंत्री उठा और कहने लगा के महाराज आपको एक हवाई महल बनवाना चाहिए सारे लोग यह सनके चोंक गए अकबर ने महामंत्री आप यह कैसी बात के रहे है यह कैसे संभव है कि हवा में कोई महल बनाया जाए । उस समय कोई हवाई यान भी मोजूद नहीं था । मंत्री ने कहा के महाराज संभव हो सकता है अगर बीरबल चाहें ।क्यों कि बीरबल  के पास तो ही पहेली का जवाब होता है इसका जवाब भी उनके पास ज़रूर होगा । यह सुनकर बीरबल समझ गया के यह सब इन लोगो ने मुझे राजा की नज़रों में नीचा दिखाने के लिए किया है। अकबर ने बीरबल से कहा यह बात तो तुमने एक दम सही कही बीरबल तो इस पहेली को भी सुलझा सकते हैं ।
 राजा अकबर ने बीरबल से कहा के बीरबल क्या तुम ऐसा कर सकते हो ? बीरबल सोचने लगा और फिर बोला के महाराज में मजदूरों को तो आसमान में पहुचा दूंगा  लेकिन महल बनाए की समीग्री  आपके  मंत्रियों को पहुंचाया होगा ।

   सारे मंत्री सोचने लगे ऐसा तो मुमकिन नहीं है के कोई मजदूर हवा में उड़कर काम करे सारे मंत्रियों ने कहा के अगर बीरबल मजदूरों को हवा में काम कर सकते है तो हम उनकी इतनी मदद कर है सकते है अकबर ने ऐलान करवा दिया के हम आसमान में महल बनवायेंगे और सभा को स्थगित कर दिया और सारे मंत्री अपने अपने घर चले गए।





 बीरबल अपने घर जाकर सोचने लगा के मैंने महाराज से वादा तो कर लिया लेकिन में मजदूरों को आसमान में कैसे पहुंचाऊंगा एक हफ्ता बीत गया लेकिन बीरबल के समझ में कोई विचार नहीं आया अचानक एक बोलने वाला तोता उसे नजर आया और उसने अकबर से कुछ कहा। बीरबल को एक तरकीब सूझी और उसने  पचास तोतों को खरीद लिया और उनको बोलना सीखने लगा उसने उनको यह शब्द सिखाए " इंट लाओ पत्थर लाओ सीमेंट लाओ समिग्री लाओ " । बीरबल उन तोतों को यह शब्द तीन महीने तक रटाता रहा और तीन महीने बाद अकबर के सामने गया अकबर ने पूछा के क्या मजदूर आसमान में काम करने के लिए तैयार हैं ?उसने कहा महाराज मेरे मजदूर पूरी तरह से त्यार है कल सुबह वह सब आसमान में पहुंच जाएंगे बस आपको उनके पास समिग्री पहुंचाना है।
   बीरबल की बात सुनकर सारे मंत्री कहने लगे यह कैसे मुमकिन हो सकता है !





और फिर अगले दिन सुबह सुबह आसमान से आवाज़ आरही थी के "ईट लाओ पत्थर लाओ सामिग्री लाओ "यह कहते हुए आसमान का चक्कर लगाने लगे अकबर और सारे मंत्री महल से निकल कर बाहर आए पूछा यह क्या हो रहा है ? बीरबल ने कहा के महाराज मेंने वचन पूरा किया मेंने मजदूरों को आसमान में पहूचा दिया अब आपके मंत्रियों की बारी है के वह महल बनाने की सामीग्री को आसमान में पहुंचाएं यह सुनकर सारे मंत्रियों ने बीरमल से क्षमा मांगी और वचन लिया के कभी किसी को नीचा दिखाने की नहीं सोचेंगे।

सीख"हमेशा अपने दिमाग से काम लेना चाहिए और मुश्किल कितनी भी बड़ी हो हिम्मत नहीं हारना चाहिए और कभी किसी को नीचा नहीं दिखाना चाहिए ।