HINDI STORY

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Wednesday, 4 March 2020

Hindi kahaniyan | ek Raja ki kahani



Hindi kahaniyan

Hindi kahaniyan


  • एकबार की बात है एक राजा अपने सिपाही के साथ जा रहा था तभी अचानक एक आदमी उनके पास आया और उनसे पूछने लगा के तुम कहा से आए हो? उस राजा के सिपाही ने कहा के यह हमारे ढोलकपुर गाव के राजा है तुम इनका सम्मान करो । वह शख्स बोला में अपने यहां के राजा सम्मान नहीं करता तो तुम्हारे राजा का क्यों सम्मान करू । राजा ने यह बात सुनकर उस आदमी से पूछा के क्या तुम अपने राजा से खुश नहीं हो। उस आदमी ने जवाब दिया, नहीं।

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  • राजा ने पूछा के ऐसी कोन सी बात है जिससे तुम राजा से नाराज़ हो ? उस आदमी कहा के में पहले एक सिपाही था और राजा के यहां तैनात था एक दिन रात को एक चोर महल में आ घुसा मेंने उस चोर को देखकर उसका पीछा किया और उसके घर तक पहुंच गया । में उसको पकड़ ने ही वाला था के मेरे सर पर किसी ने ज़ोर से वार कर दिया और में बेहोश हो गया ।

  •  जब मेरी आंख खुली तो मैंने अपने आप को जेल में पाया । जब मेंने पूछा के में यहां कैसे आया तो एक सिपाही ने मुझसे कहा के तुम चोर हो कल तुम महल से चोरी करके भाग रहे थे वह अच्छा हुआ के महा मंत्री जी ने तुम्हे पकड़ लिया वरना तो तुम चोरी करते रहते और किसी को पता भी नहीं चलता।

  •  मेंने उसे समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसने मुझ पर विश्वास नहीं किया और वहां से चला गया में जेल में चिल्लाता रहा लेकिन किसी ने मेरी एक ना सुनी आखिर कार छ महीने गुजर गए मुझसे मिलने राजा साहब आए मैने सोचा के यह मेरी बात को समझेंगे लेकिन वह भी मुझे बुरा भला कहकर चले में जेल में चार साल तक ऐसे कैद रहा फिर मेरी रिहाई हुई लेकिन गाओं वालो ने मेरे बीवी और बच्चों को गाओ से निकाल दिया में अपने बच्चो को कई सालो तक ढूंढता रहा लेकिन कुछ पता नहीं चला और आज भी में उन्हें ढूंढ़ ही रहा हू क्या आप लोग मेरी मदद करेंगे ।
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  •  राजा ने कहा हा भाई ज़रूर लेकिन कैसे उस आदमी ने कहा के आप राजा के महल में एक सिपाही बन कर जाएं और वहां एक गुप्त कमरा है कहा किसी को जाने नहीं दिया जाता मुझे शक है के राजा ने मेरे बीवी और बच्चो वहीं कैद करके रखा है। राजा ने उसकी बात मानकर महल में जाने का फैसला किया। एक दिन जब राजा और उसके मंत्री बैठे हुए थे तो यह राजा वहां पहुंचा और उसने कहा के महा राजा में बहुत गरीब हू आप मुझे अपने यहां कोई काम पर रख लीजिए राजा ने पूछा के तुम हमारे राज्य के तो लगते नहीं कहा से आए हो उसने कहा कि में ढोलक पर से आया हू उस राजा ने कहा के तुम अपना इतना सुंदर गाओ छोड़ कर यहां आए हो यकीन नहीं होता के हमारा राज्य इतना प्रसिद्ध है ठीक है हम तुम्हे अपनी सेना में शामिल करते है आजसे तुम हमारे महल में पहरा दोगे और यह राजा और उसके मंत्री वहां से चले गए। 

  • जब रात हुई तो ज्यादातर सिपाही सो चुके थे तभी यह राजा उस गुप्त कमरे की तलाश में महल के अंदर आता है और कमरे को ढूंढते ढूंढते एक गुफा की तरफ पहुंचता है वहां उसे कई  इंसानी कंकाल मिलते है लेकिन वह बिना किसी डर के गुफा के अंदर बढ़ता है कुछ आगे चल कर उसे कुछ रोशनी दिखाई देती है वह देखता है राजा कई लोगो के साथ वहां बैठा है और वहां कई फांसी के फंदों में इंसानी कंकाल लटक रहे है वह यह सब देख कर हैरान हो जाता है और पूछता है के यह सब क्या है तो राजा कहता है यह तुम्हारी मृत्यु की तयारी हो रही महाराजा प्रताप।
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  •  वह यह सुनकर हैरान हो जाता है के इन्हे मेरी असलियत कैसे पता चल गई ।वह राजा कहता है के क्या सोच रहे हो राजा जी के हमें तुम्हारी असलियत कैसे पता चल गई ।यह देखो यह वहीं सिपाही है ना जिसके लिए तुम आए हो मूर्ख यह कोई सिपाही नहीं बल्कि मेरा छोटा भाई है और ढोलकपुर का अगला राजा सिपाहियों पकड़ लो इसे और फांसी पर चढ़ा दो सिपाहियों ने उसे चारो तरफ से घेर लिया और फांसी पर चढ़ा दिया और उसकी वहीं मृत्यु हो गई ।

  • सीख : दोस्तो हमें कभी भी बिना कुछ जाने किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए और कभी भी दुश्मन को छोटा नहीं समझना चाहिए और कोई भी काम करने से पहले दो बार सोचना चाहिर और हमेशा यह सोच कर ही काम करना चाहिए के अक्ल बड़ी के भैंस।
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