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Saturday, 14 March 2020

अलीबाबा और चालीस चोर |हिंदी स्टोरी

 अलीबाबा और चालीस चोर


Image source -Google -|Image by-Hindi fairy tales



  • एक गांव में एक अलीबाबा नाम का एक व्यक्ति रहता था वह बहुत ही गरीब था उसके पास एक गधा था जिस पर वह जंगल से  लकड़ियां लाद कर लाता था वे लकड़ियां काट कर ही अपने  परिवार का गुजारा करता था वह हर रोज़ जंगल जाता और लकड़ियां काटकर बाजार में बेचता ।



  •  एक दिन वह जब जंगल में लकड़िया काट रहा था तभी उसका गधा रस्सी तोड़ कर वहां से भाग निकला अलीबाबा उसके पीछे उस पकड़ने के लिए भागा और उस पकड़कर वापस लाने लगा जब वह वापस आ रहा था तब उसने देखा के के कुछ घुड़ सवार एक झरने के किनारे खड़े थे उनमें से एक घुड़ सवार आगे बड़ा और उसने कहा " खुलजा सिम सिम" देखते ही देखते झरने का पानी बंद हो गया और एक दरवाज़ा खुला सारे घुड़सवार उस दरवाजे के अंदर चले गए ।



  • और फिर एक घुड़सवार ने कहा "बंद हो जा सिम सिम" और दरवाज़ा बंद हो गया और झरना बेहना शुरू हो गया वह यह सब देख कर हैरान हो गया । और वहां से चला गया । दूसरे दिन जब वह वहां आया तो फिर घुड़सवार वहां खड़े थे उनमें से एक आगे बड़ा और कहा" खुल जा सिम सिम " दरवाज़ा खुला और सारे अंदर चले गए और फिर एक ने कहा कहा बंद हो जा सिम सिम और दरवाज़ा बंद हो गया । वह कुछ देर  वहा रुक कर इंतज़ार करने लगा ।और फिर थोड़ी देर बाद दरवाज़ा खुला और सारे लोग बाहर निकले और फिर एक ने कहा "बन्द हो जा सिम सिम " और दरवाज़ा बंद हो गया और वह लोग चले गए ।

  • अलीबाबा उस गुफा के पास आया और उसने उस गुफा के दरवाजे को खोलना चाहा उसने कहा "खुल जा सिम सिम " दरवाज़ा खुल गया वह गुफा के अंदर गया वह जैसे ही गुफा के अंदर पहुंचा तो पूरी गुफा सोने और चांदी से ढकी हुई थी वह यह सब देख कर हल्का बक्का रह गया उसने अपने गधे पर कुछ सोने की अशर्फियां लाद दी और गुफा के बाहर आगया । और घर जा कर अपनी बीबी मरजीना को सारी बात बताई। मरजीना इतनी अशर्फियां देख कर दंग रह गई ।


  • मरजीना ने कहा के अलीबाबा हम इतनी सारी अशर्फियों को गिनेगे कैसे में ऐसा कर ती हू के आप के भाई  कासिम के यहां से तराजू ले आती हू मरजीना अलीबाबा के भाई के यहां तराजू लेने चली गई उसका भाई बहुत घमंडी और कंजूस था मरजीना उसके घर पहुंची और कहा के भाई जान क्या आप थोड़ी देर के लिए अपना तराजू से देंगे ? उसने कहा मरजीना मै  मुफ्त में तो किसी को बद्दुआ भी नहीं देता तो तुम्हे तराजू कैसे देदूं ? तुम्हे इसकी कीमत अदा कर नी होगी मरजीना ने कहा ठीक है भाई जान में आप को इसकी कीमत अदा कर दूंगी ।




  •  वह सोचने लगा के जिसके पास कल तक खाने के लिए पैसे नहीं थे उस आज ऐसी कोन सी ची तोलने की नौबत आए गई जिसके लिए यह पैसे देने के लिए त्यार हैं उसने तराजू के पीछे मोम लगाकर उसको दे दिया ताकि जो भी चीज इससे टोली जाए इसके नीचे चिपक जाए ऐसा ही हुआ जब मरजीना अशर्फी तोल रही थी टोबेक अशर्फी तराजू के नीचे चिपक गई जब वह तराजू वापस करने आई तो उसके भाई ने देखा के एक अशर्फी उसकी तली में चिपकी हुई थी उसका भाई यह देख कर हल्का बक्का रह गया के मेरा भाई ऐसा कौन सा काम करने लगा जिसे उसे अशर्फियों को तोलना पढ़ रहा है




  • उसने सोचा के इस के पीछे कोई तो राज है वह अलीबाबा के पास गया और कहने लगा के मेरे भाई मुझे माफ़ कर दो मेंने तुम्हे बहुत सताया है दुख दिए है अब हम साथ रहेंगे चलो अलीबाबा आज से तुम मेरे घर पर रहोगे अलीबाबा ने कहा मुझे माफ़ करना मेरे भाई में तुम्हारे साथ नहीं रह सकता में अपने छोटे से घर में ही खुश हूं उसका भाई कहने लगा कम से कम मुझे माफ तो करदो अलीबाबा ने कहा मै आप से छोटा हूं भाई जान आप मुझसे माफ़ी ना मांगिए वह इसका मतलब तुमने मुझे माफ़ कर दिया ।




  • उसने अलीबाबा को अपने घर दावत में बुलाया । जब यह बात उसने मरजीना को बताई तो उसे शक हुआ के कहीं अशर्फी की बात तो उन्हें पता तो नहीं चल गई अलीबाबा ने कहा नहीं मरजीना उन्हें यह बात कैसे पता चल सकती है वहां मेरे अलावा कोई भी नहीं था और तुमने भी किसी को बताया नहीं है तो भला किसी को यह बात कैसे पता चल सकती है? अलीबाबा यह कह कर अपने भाई के यहां दावत में चला गया । उसके भाई ने बातो हो बातो में उससे पूछा के तुम्हारे पास अचानक इतनी अशर्फियां कहां से आ गईं के तुम्हे उन्हें गिनने के बजाए तोलना पड़ा।




  •  अलीबाबा हैरान हो गया के इन्हे यह बात कैसे पता चल गई उसका भाई कहने लगा क्या तुम मुझे अपना भाई नही मानते हो जो तुमने मुझसे इतनी बड़ी बात छुपाई अलीबाबा में कहा नहीं भाई जान ऐसी कोई बात नहीं है मैंने इस लिए आपको यह बात नहीं बताई क्यूंकि यह बहुत खतरा है । उसने कहा अरे मै कोन सा वहा पर जाऊंगा में तो बस ऐसे ही मालूम करना चाह रहा था के कहीं मेरा भाई कोई गलत काम तो नहीं करने लगा । अलीबाबा ने उसको सारा वाक़िआ बता दिया । 





  •  अगले दिन ही उस गुफा के अंदर चला गया और अपने साथ तो गधे ले गया और वह जैसे ही गुफा के अंदर दाखिल हुआ वह इतना खज़ाना देख कर अपने होश खो बैठा वह जल्दी जल्दी सोने चांदी को अपने गधों पर कासिम लाधने लगा। और गधों को पूरा खाजाने से लाद दिया और वापस आने लगा वह खज़ाने की धुन में दरवाज़ा खोलने का मंत्रही भूल गया और दरवाजे के पास आकर कहने लगा " खुल जा  ए तिलिस्मी दरवाजे " दरवाज़ा नहीं खु ला उसने कई बार कोशिश की लेकिन दरवाज़ा नहीं खुला ।





  • वह बहुत घबरा गया और रोने लगा तभी उसको घोड़ों के पैरों की आवाज़ आई वह डाकू वापस आ गए थे वह कहीं जा कर छुप गया सारे डाकू अंदर आए और देखा के दो गधे सोने से लदे हुए हैं और सारा समान बिखरा हुआ गई । डाकुओं के सरदार ने कहा के लगता है यह कोई आया है साथियों उसे ढूंढो और खत्म कर दो सारे चोर उसको ढूंढने लगे आखिरकार वह पकड़ा गया उसको उन चोरों ने मार  कर उसके शरीर के चार हिस्से कर दिए और दरवाजे के बाहर टांग दिए ।

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