HINDI STORY

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Sunday, 15 March 2020

Islam religion history | Hindi story

    Islam religion history





इस्लाम के बारे में कुछ तथ्य

इस्लाम एक बहुत ही विशाल और महत्व रखने वाला धर्म है । दुनिया में इस्लाम धर्म मानने वालों की संख्या विश्व में दूसरे पायदान पर है हमारे भारत में इसकी संख्या लगभग 30-35 करोड़ है इस धर्म में लोग सिर्फ अल्लाह की इबादत (पूजा) करते है और हज़रत मोहम्मद ﷺ को अल्लाह ता आ ला का पैगम्बर (दूत) मानते है ।


मुसलमान कौन है?

इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों को मुसलमान कहा जाता है मुसलमान दिन में पांच बार मस्जिद में जाकर नमाज़ अदा करते है और अल्लाह تعالیٰसे दुआ मांग है

इस्लाम धर्म कब चर्चा में आया?

यह धर्म लगभग चौदह सौ साल पुराना है । और दुनिया में सबसे तेजी से फैलने वाला धर्म है  मुसलमान रमज़ान के महीने में राजा रखते है उनका मानना होता है के रमज़ान के रोज़े रखने से अल्लाह उनसे खुश होता है और वह अपने मानने वालो को जन्नत में जगह देता है

इस्लाम धर्म सारे छोटे बड़े अमीर गरीब सब मिलकर एक साथ नमाज़ पढ़ते है मुसलमान हर जुमे को इकट्ठा होकर नमाज़ अदा करते है

इस्लाम की सबसे बड़ी हस्ती 



इस धर्म के सबसे बड़े धर्म गुरु पैगम्बर मोहम्मद ﷺ हैं इस्लाम धर्म में सबसे बड़ा रुतबा इन्हीं का है सारे मुसलमान अल्लाह और मोहम्मद ﷺ के नाम का कलमा पढ़ते है जिसका अनुवाद है यह होता है " मै गवाही देता हू के अल्लाह के सिवा कोई माबूड (इबादत का हकदार )नहीं है और मोहम्मद ﷺ उसके रसूल है यह कलमा हर मुसलमान दिन कई मर्तबा पढ़ता है

  मोहम्मद ﷺ के बारे में कुछ  बाते

मोहम्मद ﷺका जन्म ५७० ईसवी में हुआ था आप के पिता का नाम अब्दुल्लाह था मोहम्मद ﷺ बचपन से ही नबी थे आपकी मा का नाम आमिना था ‌ आप अरब के मक्का शहर में पैदाा हुए आपके पिता की  बचपन में ही मृत्यु हो गई थी 

 इस्लाम का पूरी दुनिया में आना 

हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम अपनी मां आमिना के पास रहते थे आप की मां आपको आपके दादा के पास ले जा रही थी तभी रास्ते आपके वालिदा की भी मृत्यु हो गई और आप अपने दादा के पास रहने लगे और जब आप की उम्र 40 साल हुई तब आपने अपनी नबूवत का एलान किया तभी से इस्लाम धर्म की चर्चा शुरू हुई ।

इस्लाम पहले तो अरब के मक्के तक ही सीमित था फिर धीरे-धीरे मदीने में आया और फिर इसी तरह पूरी दुनिया में फैल गया आज इस्लाम को मानने वाले की तादाद दुनिया में दूसरे नंबर पर है और हर देश में इस्लाम के मानने वाले मौजूद हैं

मक्का और मदीना का महत्व 



मुसलमान जिंदगी में एक बार मक्का और मदीना के दर्शन के लिए जरूर जाता है इस्लाम में माना जाता है की मक्का और मदीना के दर्शन करने से सारे पाप मिट जाते हैं इसलिए हर मुसलमान वहां जिंदगी में एक बार जरूर जाता है इसको हज कहते हैं हर साल लाखों लोग हज करने के लिए अरब पहुंचते हैं

इस्लाम का सबसे लोकप्रिय धर्मस्थल अरब देश के मक्का और मदीना में ही है और मुसलमानों का सबसे लोकप्रिय और माननीय धर्म ग्रंथ कुरान शरीफ है जिसको हर मुसलमान पड़ता और याद करता है और उसी के हक में अपनी जिंदगी को गुजारता है

ईद इस्लाम का त्योहार 

मुसलमानों का सबसे बड़ा त्यौहार ईद है जोकि रमजान के खत्म होने की खुशी में लोग मनाते हैं ईद में सारे लोग मिलकर ईदगाह में नमाज अदा करने के लिए घर से नए-नए कपड़े पहन कर निकलते हैं और नमाज के बाद एक दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं

जकात

इस्लाम  के मानने वाले को हर साल अपने माल से 5% गरीबों को बांटना होता है जिसे जकात कहते हैं जकात उन गरीबों के लिए होती है जो लोग अपनी जरूरतों को पूरी नहीं कर पाते उन लोगों को जकात दी जाती है और यह तो हर धर्म में है के गरीबों की मदद की जाए हम सब को भी गरीबों की मदद करनी चाहिए

बकरा ईद का त्योहार

इस्लाम के मानने वालों में जो लोग अमीर और मालदार हैं उनको बकरा ईद में किसी जानवर (भैंस बकरी भेड़ आदि)की कुर्बानी करना वाजिब (जरूरी) है हर मुसलमान जो मालदार होता है वह बकरा ईद के दिन कुर्बानी करके उसका गोश्त गरीबों में बांटता है

दोस्तों कुछ लोग यह कहते हैं की जानवरों में भी जान होती है उनको भी दर्द होता है उनको नहीं मारना चाहिए वह भी हमारी तरह जीना चाहते हैं इस्लाम में यह रस्म बिल्कुल भी सही नहीं है इस्लाम को शाकाहारी की तरफ लोगों को ज्यादा ध्यान दिलाना चाहिए ना के मांसाहार की तरफ । तो मैं दोस्तों आपको यह बताना चाहता हूं के जो हम शाक सब्जी खाते हैं उनमें भी तो जान होती है और यह बात साइंटिफिक तौर पर भी सबके सामने है के पेड़ पौधे भी जीवित हैं और सांस लेते हैं जीते हैं और मरते भी हैं तो क्या हमें उन्हें भी नहीं खाना चाहिए।

दोस्तों आप खुद ही सोच सकते हैं कि अगर दुनिया का हर एक इंसान शाक सब्जी खाने लगे और मांसाहार को पूरी तरह से त्याग दें तो हमें किसी जमाने में घास भी खाना पड़ सकती है और अगर जानवरों को लोग नहीं खाएंगे तो उनकी संख्या हम इंसानों से भी ज्यादा हो जाएगी जैसा कि यूपी के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने जानवरों के काटने व बिक्री पर रोक लगा दी है तो यूपी में आवारा जानवरों की संख्या दो करोड़ से भी ज्यादा हो गई है तो यह कहना तो बिल्कुल गलत होगा कि इस्लाम में यह रिवाज एक गलत रस्म है।



क्या इस्लाम में चार शादी जायज है

 दोस्तों कुछ लोग यह कहकर इस्लाम को बदनाम करते हैं की इस्लाम में चार चार शादी  कर सकते हैं तो दोस्तों यह हुकुम इस वजह से है के पहले के जमाने में अरब देश में जब किसी का पति मर जाता था तो उसको जिंदा ही जमीन में दफना दिया जाता था या उसको जिंदा ही जला दिया जाता था

 तो जलने या दफन होने से अच्छा है कि वह किसी से शादी कर ले लेकिन पहले के दौर में विधवा को अपशगुन कहा जाता था और उसको ना कोई अपने घर में रखता और ना ही कोई उससे शादी करता इस वजह से इस्लाम ने इन ऐसी औरतों को सहारा देने के लिए यह हुक्म दिया के अगर कोई ऐसी महिला परेशान है तो तुम उसको सहारा दे सकते हो ।

लेकिन इसमें ऐसा भी कानून है कि अगर तुम्हारी पत्नी को कोई इस बात से परेशानी है या होगी या तुम्हें लगे कि मैं दो या इससे ज्यादा पत्नियों को संभाल नहीं पाऊंगा तो तुम्हारे लिए एक से ज्यादा शादी करना जायज नहीं होंगी लेकिन लोग इस बात को तो नहीं देखते सिर्फ सिक्के का पहला रुख देखकर बुरा भला सोचने लगते हैं दोस्तों हमें किसी बात को किसी के लिए कहने से पहले उसकी पूरी जानकारी ले लेना चाहिए




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