HINDI STORY

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Thursday, 5 March 2020

कहानी एक राजा की|Hindi story

   कहानी एक राजा की


Session 1
  •         एक बार एक व्यापारी शहर जा रहा था उसके पास 100ग्राम सोना था। उसने सोचा के यह में किसी को सौंप देता हू जब वापस आऊंगा  तो वापस ले लूंगा। उसने यह सोच कर उस सोने को अपने एक दुकानदार दोस्त को देदिया और शहर चला गया । जब वह व्यापारी वापस आया और उसने उस दुकानदर से अपना सोना मांगा तो वह दुकानदार बोला ' कोन हो भाई '   उस व्यापारी ने कहा मैं हू तुम्हारा दोस्त जो तुम्हारे पास अपना सोना जमा कर गया था 

                         
Session 2
  • वह दुकानदार बोला अरे भाई मैने तुम्हे कभी देखा नहीं और तुम के रहे हो के तुमने मुझे सोना रखने को दिया है सुबह सुबह कैसा मज़ाक है। उस व्यापारी ने के यह तुम्हे मज़ाक लगता है में सचमे तुम्हे सोना देकर गया था वह दुकानदार बोला के तुम्हे कोई गलत फहमी हुई है । उस व्यापारी ने उस दुकानदार का गला पकड़ लिया और गुस्से से कहा के मेरा सोना वापस दे लोग की भीड़ लग गई लोग कहने लगे के यह दुकान दार बहुत ईमानदार है यह कभी किसी की बेईमानी नहीं करता । लोगो उस व्यापारी को पागल समझकर गाओ से बाहर निकाल दिया ।

Session 3
  •      उस व्यापारी ने राजा के पास जाने का इरादा किया और महाराज को सारी कहानी सुनाई राजा ने पूछा के तुम्हारे पास कोई सबूत है के तुमने उसे अपना सोना रखने को दिया था वह दुकानदार बोला  नही राजा ने कहा तो हम तुम्हारी मदद कैसे करेंगे व्यापारी रोने लगा और कहने लगा महाराज मेरे पूरी ज़िंदगी भर की कमाई वहीं है अगर मुझे वह सोना न मिला तो में में मर जाऊंगा राजा ने कहा ठीक है है हम तुम्हारी मदद करेंगे हम जैसा कहते है वैसा ही करो यह सुन कर वह व्यापारी शांत हो कर वहां से चला गया 


Session 4
  •      राजा ने अपने सिपाहियों को आदेश दिया के उस दुकानदार को हमारे सामने पेश करो । राजा के सिपाही उस दुकानदार को लेकर राजा के पास आए दुकानदार ने पूछा के महाराज मुझ जैसे छोटे दुकानदार से आप को क्या काम हो सकता है ?राजा ने कहा के तुम्हारे ईमानदारी के चर्चे हमने बहुत सूने है हम चाहते हैं के तुम हमारे मंत्री बनकर हमारे राज्य के लिए काम करो वह दुकानदार बहुत खुश हुआ और वहा से वापस दुकान पर आ गया । 

Session 5
  •       राजा ने उस व्यापारी को बुलाया और उससे कहा के तुम उस दुकानदार की दुकान के सामने जा कर बैठ जाओ और तीन दिन तक वहीं बैठे रहना मै  अपने सिपाहियों के साथ वहा से निकलूंगा पहले उस दुकानदार के पास जाऊंगा फिर तुम्हारे पास आकर तुमसे कहूंगा के आप को कोई परेशानी तो नहीं लेकिन तुम मेरी बात का जवाब मत देना और में तुम्हे सलाम करके  चला जाऊंगा लेकिन तुम किसी से कुछ बात मत करना इसी तरह तुम्हे तीन दिन तक करना है और तब तीसरे दिन जब में कहू तो दुकानदार से अपना सोना वापस मांगना वह तुम्हे देदेगा ।


Session 6
  •       व्यापारी ने ऐसा ही किया और उस दुकानदार की दुकान के सामने बैठ गया । व्यापारी को वहा बैठा देख दुकानदार सोच ने लगा के यह यहां क्या कर रहा है थोड़ी देर बाद राजा वहा आया और दुकानदार से मिला और जाते वक़्त उस व्यापारी को सलाम किया और उसका हाल चाल पूछा लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया । और राजा वहा से चला गया सब लोग उस व्यापारी को देखने लगे और कहने लगे लगता है के यह कोई राजा का खास आदमी है लेकिन यह यहां क्यों बैठा है पता नहीं ज़रूर कोई काम होगा 


  • दुकानदार यह सुनकर डरने लगा के कहीं यह मेरी शिकायत महाराज से ना करदे । दूसरे दिन भी राजा अपने सिपाहियों के साथ वहा आया और दुकानदार के पास बैठा और फिर जाते समय उस व्यापारी से मिला दुकान दार और डरने लगा ।

Session 7
  •         जब तीसरा दिन आया तो राजा वहा से गुज़रा लेकिन दुकानदार के यह नहीं रुका सीधे व्यापारी के पास जाकर बोला तुम्हे कोन परेशान कर रहा है ?व्यापारी ने दुकानदार की तरफ देखा और कहा कोई बात नहीं है मुझे कोई परेशानी नहीं है राजा ने कहा अगर आपको कोई परेशानी हो तो हमे आप ज़रूर बताना हम उसको छोड़ेंगे नहीं यह कहकर राजा वहा से चला गया और और व्यापारी से कहा के मेरे जाने के बाद दुकानदार से अपना सोना मांगना । 

Session 8
  •        व्यापारी ने ऐसा ही किया वह दुकानदार के पास गया और अपना सोना मांगने लगा दुकानदार हंस कर बोला अरे आप इस सोने की बात कर रहे थे मैं तो इसे रखकर भूल है गया था यह लीजिए अपना सोना मुझे माफ़ कर दीजिए मेरी वजह से आपको कोई तकलीफ़ हुई हो व्यापारी ने कहा कोई बात नहीं मुझे मेरा सोना मिल गया यही काफी है यह कह कर वह वहा से चला गया और राजा के पास जाकर बोला आपका बहुत शुक्रिया आपने मेरी ज़िन्दगी भर की कमाई मुझे वापस दिला दी राजा ने कहा कोई बात नहीं ।

Session 9
  •      राजा ने अपने सिपाही से कहा के उस दुकानदार को बुलाओ दुकान हाज़िर हुआ राजा ने कहा के तुम बहुत ईमानदार और महान हो तुम्हारे लिए यह मंत्री पद बहुत छोटा है हम तुम्हे कोई और पद देंगे इसी लिए तुम्हे इस पद से हटा रहे है अब तुम जाओ और अपनी दुकान संभालो जब हम बुलाएं तब आना । दुकानदार समझ गया के राजा ने मुझसे सोना निकेलवाने के लिए यह सब किया था और निराश होकर वहा से चला आया ।

  •  दोस्तो आप लोगो ने देखा के राजा ने किस तरह अपने दिमाग का प्रयोग करके व्यापारी को उसका सोना वापस दिलवाया हमें भी यह चाहिए के जब भी हम मुसीबत में हों तो अपने दिमाग का इस्लेमाल करके उसका हाल निकाल लें।

                                                                                          

  

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