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Monday, 9 March 2020

बीरबल का हवा महल

                        
                 बीरबल का हवा महल             


बीरबल का हवा महल


अकबर और बीरबल के बारे में कोन नहीं जानता अकबर और बीरबल की कहानियां बहुत ही मशहूर है। यह कहानी भी अकबर और बीरबल की है बीरबल अकबर का बहुत ही करीबी और सबसे ज्यादा लोकप्रिय था अकबर उस पर बहुत ही भरोसा करता था। कोई भी मुश्किल होती बीरबल उस चुटकी में हल कर लेता सारे राज्य की आवाम उससे खुश रहती लेकिन अकबर कुछ मंत्री उससे जलते थे





  वह बीरबल को हमेशा किसी न  किसी पहेली उलझते रहते लेकिन बीरबल उनका सामना कर सबको हैरान कर देता ।
एक बार अकबर के कुछ मंत्रियों ने बीरबल को एक अनोखी पहेली में फसाने की योजना बनाई सारे मंत्री अकबर के पास गए और जब अकबर अपने मंत्रियों की बात सुन रहा था तो एक मंत्री आया और अकबर से कहने लगा महाराज काश हमारे राज्य में कोई ऐसी अदभुद इमारत होती जिसे देखने के लिए दूर दूर से लोग आया करते तो हमारे राज्य का कितना मान सम्मान होता अकबर ने कहा के तुम्हारी बात तो बहुत ही लाजवाब है लेकिन हम कोन सी इमारत बनवाएं जिससे कि हमारे राज्य का विस्तार हो।





अकबर ने अपने मंत्रियों से पूछा के आप लोग ही बताइए के ऐसी कोन सी इमारत बनबाई जाए ?किसी मंत्री ने कहा के महाराज हमें एक ऐसा दरवाज़ा बनवाना चाहिए जो दुनिया में सारे दरवाजे से बड़ा हों दूसरे मंत्री ने कहा के महाराज हमें एक लम्बी दीवार बनाई चाहिए जो चीन की दीवार से भी ज्यादा लंबी हो इसी तरह कई मंत्रियों ने अपने हित की बात रखी लेकिन राजा अकबर को कोई योजना पसंद न आयी ।






  तभी एक मंत्री उठा और कहने लगा के महाराज आपको एक हवाई महल बनवाना चाहिए सारे लोग यह सनके चोंक गए अकबर ने महामंत्री आप यह कैसी बात के रहे है यह कैसे संभव है कि हवा में कोई महल बनाया जाए । उस समय कोई हवाई यान भी मोजूद नहीं था । मंत्री ने कहा के महाराज संभव हो सकता है अगर बीरबल चाहें ।क्यों कि बीरबल  के पास तो ही पहेली का जवाब होता है इसका जवाब भी उनके पास ज़रूर होगा । यह सुनकर बीरबल समझ गया के यह सब इन लोगो ने मुझे राजा की नज़रों में नीचा दिखाने के लिए किया है। अकबर ने बीरबल से कहा यह बात तो तुमने एक दम सही कही बीरबल तो इस पहेली को भी सुलझा सकते हैं ।
 राजा अकबर ने बीरबल से कहा के बीरबल क्या तुम ऐसा कर सकते हो ? बीरबल सोचने लगा और फिर बोला के महाराज में मजदूरों को तो आसमान में पहुचा दूंगा  लेकिन महल बनाए की समीग्री  आपके  मंत्रियों को पहुंचाया होगा ।

   सारे मंत्री सोचने लगे ऐसा तो मुमकिन नहीं है के कोई मजदूर हवा में उड़कर काम करे सारे मंत्रियों ने कहा के अगर बीरबल मजदूरों को हवा में काम कर सकते है तो हम उनकी इतनी मदद कर है सकते है अकबर ने ऐलान करवा दिया के हम आसमान में महल बनवायेंगे और सभा को स्थगित कर दिया और सारे मंत्री अपने अपने घर चले गए।





 बीरबल अपने घर जाकर सोचने लगा के मैंने महाराज से वादा तो कर लिया लेकिन में मजदूरों को आसमान में कैसे पहुंचाऊंगा एक हफ्ता बीत गया लेकिन बीरबल के समझ में कोई विचार नहीं आया अचानक एक बोलने वाला तोता उसे नजर आया और उसने अकबर से कुछ कहा। बीरबल को एक तरकीब सूझी और उसने  पचास तोतों को खरीद लिया और उनको बोलना सीखने लगा उसने उनको यह शब्द सिखाए " इंट लाओ पत्थर लाओ सीमेंट लाओ समिग्री लाओ " । बीरबल उन तोतों को यह शब्द तीन महीने तक रटाता रहा और तीन महीने बाद अकबर के सामने गया अकबर ने पूछा के क्या मजदूर आसमान में काम करने के लिए तैयार हैं ?उसने कहा महाराज मेरे मजदूर पूरी तरह से त्यार है कल सुबह वह सब आसमान में पहुंच जाएंगे बस आपको उनके पास समिग्री पहुंचाना है।
   बीरबल की बात सुनकर सारे मंत्री कहने लगे यह कैसे मुमकिन हो सकता है !





और फिर अगले दिन सुबह सुबह आसमान से आवाज़ आरही थी के "ईट लाओ पत्थर लाओ सामिग्री लाओ "यह कहते हुए आसमान का चक्कर लगाने लगे अकबर और सारे मंत्री महल से निकल कर बाहर आए पूछा यह क्या हो रहा है ? बीरबल ने कहा के महाराज मेंने वचन पूरा किया मेंने मजदूरों को आसमान में पहूचा दिया अब आपके मंत्रियों की बारी है के वह महल बनाने की सामीग्री को आसमान में पहुंचाएं यह सुनकर सारे मंत्रियों ने बीरमल से क्षमा मांगी और वचन लिया के कभी किसी को नीचा दिखाने की नहीं सोचेंगे।

सीख"हमेशा अपने दिमाग से काम लेना चाहिए और मुश्किल कितनी भी बड़ी हो हिम्मत नहीं हारना चाहिए और कभी किसी को नीचा नहीं दिखाना चाहिए । 

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